एकादशी 2027: तिथियाँ और पारण समय
2027 में 25 एकादशी हैं, रवि, 3 जन॰ 2027 से गुरु, 23 दिस॰ 2027 तक। तालिका में हर एकादशी, उसकी तिथि का समय और पारण — अगले दिन व्रत खोलने का समय — दिया गया है।
नई दिल्ली के लिए दृक पंचांग पद्धति से गणना (लाहिड़ी अयनांश, स्मार्त परंपरा)। समय IST में हैं। एकादशी की तिथि और पारण का समय हर शहर में थोड़ा अलग होता है — पंचांगमित्र ऐप आपके शहर का समय दिखाता है।
| तिथि | एकादशी | हिंदू मास | एकादशी तिथि | पारण (व्रत खोलना) |
|---|---|---|---|---|
| रवि, 3 जन॰ 2027 | सफला एकादशी | पौष कृष्ण पक्ष | 2 जन॰, 2:24 pm – 3 जन॰, 4:08 pm | 4 जन॰, 7:14 am – 9:19 am |
| मंगल, 19 जन॰ 2027 | पौष पुत्रदा एकादशी | पौष शुक्ल पक्ष | 18 जन॰, 10:27 am – 19 जन॰, 7:49 am | 20 जन॰, 7:14 am – 9:21 am |
| मंगल, 2 फ़र॰ 2027 | षटतिला एकादशी | माघ कृष्ण पक्ष | 1 फ़र॰, 8:41 am – 2 फ़र॰, 11:10 am | 3 फ़र॰, 7:08 am – 9:19 am |
| बुध, 17 फ़र॰ 2027 | जया एकादशी | माघ शुक्ल पक्ष | 16 फ़र॰, 8:19 pm – 17 फ़र॰, 5:32 pm | 18 फ़र॰, 6:57 am – 9:12 am |
| गुरु, 4 मार्च 2027 | विजया एकादशी | फाल्गुन कृष्ण पक्ष | 3 मार्च, 4:44 am – 4 मार्च, 7:24 am | 5 मार्च, 6:42 am – 9:02 am |
| गुरु, 18 मार्च 2027 | आमलकी एकादशी | फाल्गुन शुक्ल पक्ष | 18 मार्च, 4:21 am – 19 मार्च, 1:51 am | 19 मार्च, 7:13 am – 8:51 am |
| शुक्र, 2 अप्रैल 2027 | पापमोचनी एकादशी | चैत्र कृष्ण पक्ष | 2 अप्रैल, 12:45 am – 3 अप्रैल, 2:52 am | 3 अप्रैल, 9:16 am – 4 अप्रैल, 4:26 am |
| शनि, 17 अप्रैल 2027 | कामदा एकादशी | चैत्र शुक्ल पक्ष | 16 अप्रैल, 11:22 am – 17 अप्रैल, 9:28 am | 18 अप्रैल, 5:53 am – 7:42 am |
| रवि, 2 मई 2027 | वरूथिनी एकादशी | वैशाख कृष्ण पक्ष | 1 मई, 6:54 pm – 2 मई, 7:52 pm | 3 मई, 5:39 am – 8:18 am |
| रवि, 16 मई 2027 | मोहिनी एकादशी | वैशाख शुक्ल पक्ष | 15 मई, 6:17 pm – 16 मई, 5:13 pm | 17 मई, 5:29 am – 8:12 am |
| मंगल, 1 जून 2027 | अपरा एकादशी | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष | 31 मई, 10:02 am – 1 जून, 9:40 am | 2 जून, 5:23 am – 8:09 am |
| सोम, 14 जून 2027 | निर्जला एकादशी | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष | 14 जून, 2:12 am – 15 जून, 2:08 am | 15 जून, 8:14 am – 16 जून, 2:31 am |
| बुध, 30 जून 2027 | योगिनी एकादशी | आषाढ़ कृष्ण पक्ष | 29 जून, 10:04 pm – 30 जून, 8:31 pm | 1 जुल॰, 5:26 am – 8:14 am |
| बुध, 14 जुल॰ 2027 | देवशयनी एकादशी | आषाढ़ शुक्ल पक्ष | 13 जुल॰, 12:09 pm – 14 जुल॰, 1:10 pm | 15 जुल॰, 5:33 am – 8:18 am |
| गुरु, 29 जुल॰ 2027 | कामिका एकादशी | श्रावण कृष्ण पक्ष | 29 जुल॰, 7:34 am – 30 जुल॰, 5:13 am | 30 जुल॰, 10:29 am – 31 जुल॰, 2:18 am |
| गुरु, 12 अग॰ 2027 | श्रावण पुत्रदा एकादशी | श्रावण शुक्ल पक्ष | 12 अग॰, 12:59 am – 13 अग॰, 3:00 am | 13 अग॰, 9:35 am – 14 अग॰, 5:21 am |
| शनि, 28 अग॰ 2027 | अजा एकादशी | भाद्रपद कृष्ण पक्ष | 27 अग॰, 3:25 pm – 28 अग॰, 12:42 pm | 29 अग॰, 5:57 am – 8:31 am |
| शनि, 11 सित॰ 2027 | परिवर्तिनी एकादशी | भाद्रपद शुक्ल पक्ष | 10 सित॰, 5:00 pm – 11 सित॰, 7:36 pm | 12 सित॰, 6:04 am – 8:33 am |
| रवि, 26 सित॰ 2027 | इंदिरा एकादशी | आश्विन कृष्ण पक्ष | 25 सित॰, 10:31 pm – 26 सित॰, 7:49 pm | 27 सित॰, 6:11 am – 8:35 am |
| सोम, 11 अक्टू॰ 2027 | पापांकुशा एकादशी | आश्विन शुक्ल पक्ष | 10 अक्टू॰, 11:41 am – 11 अक्टू॰, 2:08 pm | 12 अक्टू॰, 6:19 am – 8:38 am |
| सोम, 25 अक्टू॰ 2027 | रमा एकादशी | कार्तिक कृष्ण पक्ष | 25 अक्टू॰, 5:40 am – 26 अक्टू॰, 3:22 am | 26 अक्टू॰, 8:47 am – 27 अक्टू॰, 1:03 am |
| बुध, 10 नव॰ 2027 | देवउठनी एकादशी | कार्तिक शुक्ल पक्ष | 9 नव॰, 7:34 am – 10 नव॰, 9:11 am | 11 नव॰, 6:40 am – 8:50 am |
| बुध, 24 नव॰ 2027 | उत्पन्ना एकादशी | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष | 23 नव॰, 1:45 pm – 24 नव॰, 12:11 pm | 25 नव॰, 6:51 am – 8:57 am |
| गुरु, 9 दिस॰ 2027 | मोक्षदा एकादशी | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष | 9 दिस॰, 2:59 am – 10 दिस॰, 3:20 am | 10 दिस॰, 9:13 am – 11 दिस॰, 2:53 am |
| गुरु, 23 दिस॰ 2027 | सफला एकादशी | पौष कृष्ण पक्ष | 22 दिस॰, 11:41 pm – 23 दिस॰, 11:12 pm | 24 दिस॰, 7:10 am – 9:14 am |
अपने शहर का समय पंचांगमित्र ऐप में देखें।
Google Play पर जल्द आ रहा हैएकादशी क्या है?
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — महीने में दो बार। विष्णु भक्त एकादशी को व्रत रखते हैं और अगले दिन, द्वादशी को, पारण के समय व्रत खोलते हैं। जब एकादशी दो सूर्योदयों तक रहती है, तो स्मार्त और वैष्णव परंपरा अलग-अलग दिन व्रत रख सकती हैं।
पारण का समय क्या है?
पारण एकादशी व्रत खोलने का समय है। यह द्वादशी के सूर्योदय के बाद, द्वादशी का पहला चौथाई (हरि वासर) बीत जाने पर शुरू होता है, और द्वादशी समाप्त होने से पहले पूरा होना चाहिए।